Monday, October 8, 2007

इन्द्रधनुष का एक साल.....-



- अभिषेक

राजस्थान की पहली वेब पत्रिका इन्द्रधनुष को एक साल हो गया। राजस्थान के इन्टरनेट प्रेमियों के लिए यह वाकई बहुत सुकूनपरक है। इन्द्रधनुष की हिट स्टेटिक्स तो मुझे नहीं पता पर हां, उसकी कंटेट स्टेटिक्स मैं जरुर जानता हूं। वाकई बहुत उम्दा। इन्द्रधनुष की पहली सालगिरह के मौके पर जयपुर में एक जलसा भी हुआ। प्रगतिशील लेखक संघ के बैनर तले। इस गोष्ठी में अच्छी तादात में शहर के साहित्यप्रेमी जुटे। वक्ताओं में वेब पत्रकारिता के शुरुआती योद्धाओं में से एक माने जाने वाले यशवन्त व्यास और साहित्यकार नंद भारद्वाज थे। रामकुमार सिंह के रूप मे पत्रकारिता के युवा हस्ताक्षर भी पोडियम पर थे। यशवन्त जी तो स्वयं इन्टरनेट पर अवरसोल डॉट कॉम नाम से एक पोर्टल चलाते हैं। रामकुमार जी भी तकनीकप्रिय व्यक्ति हैं। तीनों ने बहुत सी सारगर्भित अंदाज में अपनी बात कही। यह समारोह मुझ जैसे ब्लॉगर के लिए दोहरी खुशी का अवसर था। एक तो किसी वेबपत्रिका के संपादकमंडल और तकनीकि कर्मियों में इतना धैर्य रहा कि वे तमाम मुश्किलात के बावजूद भी इस कार्य को एक साल तक न केवल जीवित रख सके बल्कि इसे नई ऊंचाई भी देते रहे। जिसका सीधा सा मतलब था कि लोगों को इन्टरनेट रास आ रहा है। मेरे लिए खुशी का दूसरा कारण इन्टरनेट की किसी पत्रिका का वर्चुअल वर्ल्ड से निकल कर भौतिक जगत में पदार्पण करना। और उस जलसे में इतने लोगों का आना। मेरा इन्द्रधनुष के संपादक डॉ. दुर्गाप्रसाद अग्रवाल से व्यक्तिगत परिचय होने के नाते मैं उनकी सक्रियता पर अक्सर उन्हें सीधे बधाई देता रहता हूं। पर आज उन्हें इस ब्लॉग के माध्यम से भी बधाई देता हूं। जयपुर औऱ राजस्थान में इन्टनेट जिस प्रकार से लोकप्रिय हो रहा है उसमें उनका काफी योगदान है। मेरा उन्हें साधुवाद। इन्द्रधनुष की प्रबंध संपादक अंजली सहाय का भी इस उपक्रम को पूरा समर्थन देने के लिए साधुवाद। प्रगतिशील लेखक संघ के प्रेमचंद ने इस गोष्ठी का सफल संचालन किया. अन्त में इस समारोह के दौरान इऩ्द्रधनुष के संपादक के नाते राजस्थान में कई वेब पत्रिकाएँ होने और उनसे रचनात्मक मुकाबले की ख्वाहिश व्यक्त करने पर शुक्रिया के साथ ही आमीन......।

फोटो साभार, महेश स्वामी, जयपुर
http://www.indradhanushindia.org/

2 comments:

अरविन्द चतुर्वेदी Arvind Chaturvedi said...

मेरी ओर से बधाई पहुंचा दें. मई में जयपुर गया था तो अगर्वाल जी से प्रेस क्लब में भेंट हुई थी.
जानकारी हेतु साधुवाद
भारतीयम्

संजय बेंगाणी said...

बधाई व धन्यवाद इस खबर को बताने के लिए.